सोमवार को एक बयान जारी करके आईआरजीसी ने कहाः हश्दुश्शाबी के सैन्य ठिकानों पर अमरीकी आतंकवादियों का हवाई हमला, इराक़ की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है।
29 दिसम्बर को अमरीकी लड़ाकू विमानों और ड्रोन विमानों ने इराक़-सीरिया सीमा के निकट अल-क़ायम शहर में स्थित हश्दुश्शाबी की 45वीं और 46वीं बटालियनों पर बमबारी की थी।
अमरीका के हवाई हमलों में शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है और 50 से अधिक ज़ख़्मी हुए हैं। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है, इसलिए मरने वालों की संख्या में वृद्धि की आशंका है।
आईआरजीसी का कहना है कि इराक़ में शांति उसी वक़्त स्थापित हो सकती है, जब इस देश पर क़ब्ज़ा करने वाले अमरीकी आतंकवादियों को बाहर निकाल दिया जाए।